(Insurance) बीमा क्या है? यह कितने प्रकार का होता है?

आज हम इस लेख के जरिए Insurance kya hai in hindi -बीमा (इंश्योरेंस) क्या है, life insurance kya hai, health insurance kya hai , vehicle insurance kya hai ,home insurance kya hai ,crop insurance kya hai आदि सभी के बारे मे विस्तार से जानेगे

Insurance kya hai- बीमा (इंश्योरेंस) उस साधन को कहते हैं जिसके द्वारा हम कुछ शुल्क देकर या कुछ प्रीमियम चार्जेस देकर किसी भी प्रकार की हानि का जोखिम दूसरे पक्ष या बीमाकर्ता कंपनी पर डाल देते है। ये बीमाकृत कहलाते है जो हमारा बीमा (इंश्योरेंस) करते है बदले मे हमसे कुछ चार्जेस लेते है जो महीने के हिसाब से साल दर साल के हिसाब से इन्हे देते है

इन्श्योरेन्स में बीमाकर्ता और बीमाकृत के बीच एक कानूनी समझोंता होता है जिसमें बीमाकर्ता बीमाकृत से एक निश्चित रकम (प्रीमियम) के बदले किसी निश्चित घटना के घटित होने पर एक निश्चित रकम देता है या फिर बीमाकृत की जोखिम से होने वाले वास्तविक हानि की क्षतिपूर्ति करता है।

बीमा को सरल भाषा मे समझे तो बीमा एक सहयोग की तरह होता है बीमा हमे भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने मे मदद करता है. क्योंकि हमें नहीं पता कि कल क्या होगा, इसलिए लोग बीमा पॉलिसी के जरिये भविष्य में संभावित नुकसान की भरपाई के लिए इन्श्योरेन्स लेते हैं. इंश्योरेंस का मतलब किसी प्रकार की हानी या जोखिम से सुरक्षा है.

जेसे की अगर कोई बीमा कंपनी किसी व्यक्ति का बीमा करती है तो उस व्यक्ति को होने वाले किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान की भरपाई वह बीमा कंपनी ही करती . इसी प्रकार अगर बीमा कंपनी ने किसी कार, घर या स्मार्टफोन का बीमा किया है तो उस चीज के टूटने, फूटने, खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बीमा कंपनी उस नुकसान की भरपाई करती है

बीमा (Insurance) कितने तरह का होता है?

आम तौर पर बीमा दो प्रकार का होता है:

  • जीवन बीमा (Life Insurance)
  • साधारण बीमा (General Insurance)

जीवन बीमा (Life Insurance)

जीवन बीमा में किसी इंसान की जिंदगी का बीमा किया जाता है.

life insurance

जीवन बीमा ( Life Insurance): जीवन बीमा ( Life Insurance) इसका मतलब यह है कि बीमा पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को बीमा कंपनी की तरफ से मुआवजा मिलता है.

अगर इसे हम सरल भाषा मे समझे तो अगर परिवार के मुखिया की असमय मृत्यु हो जाती है तो मुखिया के बिना उस घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए परिवार के मुख्य व्यक्ति की पत्नी/बच्चे/माता-पिता आदि को आर्थिक संकट से बचाने के लिए जीवन बीमा पॉलिसी लेना जरूरी है.
इसलिए वित्तीय योजना में सबसे पहले किसी व्यक्ति को जीवन बीमा ( Life Insurance)पॉलिसी खरीदने का सुझाव दिया जाता है.

2. साधारण बीमा (General Insurance)

साधारण बीमा के अंतर्गत वाहन, घर, पशु, फसल, स्वास्थ्य बीमा आदि सभी शामिल हैं.

  • स्वास्थ्य बीमा ( Health Insurance)
  • घर का बीमा ( Home Insurance)
  • वाहन बीमा ( Motor Insurance)
  • यात्रा बीमा ( Travel Insurance)
  • कारोबार उत्तरदायित्व बीमा (Business Liability Insurance)
  • फसल बीमा ( Crop Insurance)
health insurance

स्वास्थ्य बीमा ( Health Insurance):

हेल्थ इंश्योरेंस: आजकल बीमारिया बढ़ती ही जा रही है जिसके कारण इलाज का खर्च भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है. अगर हम किसी स्वास्थ्य बीमा कंपनी से हेल्थ इन्श्योरेन्स करवाते है तो हमे किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर बीमा कंपनी उस बीमारी के इलाज का खर्च उठाती है.

जिसमे स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी किसी भी तरह की बीमारी होने पर इलाज पर खर्च होने वाली रकम उसे देती है. किसी बीमारी पर होने वाले खर्च की सीमा आपकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पर निर्भर करती है

Home Insurance

घर का बीमा ( Home Insurance):

होम इन्श्योरेन्स : अगर हम अपने घर का बीमा किसी भी साधारण बीमा कंपनी से कराते हैं तो इस बीमा कंपनी से हमे घर की सुरक्षा मिलती है. हमारे बीमा पॉलिसी खरीदने के बाद अगर हमारे मकान को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो उसका नुकसान बीमा कंपनी के द्वारा दिया जाता है.

घर को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए इस बीमा पॉलिसी में ये सभी चीजे शामिल है. जेसे अगर घर को प्राकृतिक आपदा से जो नुकसान होता है उसमें आग, भूकंप, आकाशीय बिजली, बाढ़ आदि की वजह से होने वाले नुकसान शामिल है. ओर अगर कृत्रिम आपदा हो तो उसमें घर में चोरी होना, आग, लड़ाई-दंगे आदि की वजह से होने वाले नुकसान शामिल है.

VEHICLE INSURANCE

वाहन बीमा ( Motor Insurance):

वीइकल इन्श्योरेन्स : आज भारत में सड़क पर चलने वाले किसी वाहन का बीमा कराना कानून के हिसाब से बहुत जरूरी है. अगर आप अपने वाहन का बीमा कराये बिना उसे रोड पर चलाते हैं तो आपको ट्रैफिक पुलिस जुर्माना कर सकती है.मोटर या वाहन बीमा पॉलिसी के हिसाब से वाहन को हुए किसी भी नुकसान के लिए बीमा कंपनी मुआवजा देती है. अगर आपका वाहन चोरी हो गया या उससे कोई दुर्घटना हो गयी है तो वाहन बीमा पॉलिसी आपकी काफी मदद कर सकती है.

वाहन बीमा पॉलिसी का सबसे अधिक फायदा आपको तब होता है जब आपके वाहन से किसी व्यक्ति को चोट लग गई या किसी व्यक्ति की मौत हो गई हो. इसे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) के तहत कवर किया जाता है.
अगर आपके पास भी कोई दोपहिया/तिपहिया वाहन या कार है तो उसका बीमा जरूर कराना चाहिए.

travel insurance

यात्रा बीमा ( Travel Insurance):

ट्रैवल इन्श्योरेन्स : यह यात्रा बीमा किसी भी व्यक्ति को यात्रा के दौरान होने वाले नुकसान से बचाती है. अगर कोई व्यक्ति घूमने के लिए या किसी काम लिए विदेश यात्रा पर जाता हैं तो उसे उस यात्रा मे अगर कुछ हो जाता और उसे चोट लग जाती है या उसका कोई सामान गुम हो जाता है तो बीमा कंपनी उसे मुआवजा देती है.
यात्रा बीमा पॉलिसी आपकी यात्रा शुरू होने से लेकर यात्रा खत्म होने तक ही वैध होता है. यात्रा बीमा पॉलिसी के लिए अलग-अलग बीमा कंपनियों की शर्त अलग-अलग हो सकती है.

Business insurance

कारोबार उत्तरदायित्व बीमा (Business Liability Insurance):

बिजनेस लाइअबिलिटी इन्श्योरेन्स: यह बिजनेस लाइअबिलिटी इन्श्योरेन्स किसी भी कंपनी के काम-काज या किसी उत्पाद से ग्राहक को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए होता है. इस तरह अगर किसी स्थिति में किसी कंपनी मे होने वाला नुकसान या कंपनी पर लगने वाला जुर्माना और कानूनी कार्यवाही का पूरा खर्च Liability Insurance करने वाली बीमा कंपनीयो को देना पड़ता है.

CROP INSURANCE

फसल बीमा ( Crop Insurance):

क्रॉप इन्श्योरेन्स: यह बीमा किसानों के लिए होता है फसल बीमा (क्रॉप इन्श्योरेन्स) मौजूदा नियमों के हिसाब से कृषि लोन लेने वाले हर किसान को फसल बीमा जरूर खरीदना चाहिए . जिसमे फसल बीमा पॉलिसी के तहत अगर फसल को किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो उस पर बीमा कंपनी किसान को उसका मुआवजा देती है.

फसल बीमा पॉलिसी के अंतर्गत आग लगने की वजह से , बाढ़ आने की वजह से या किसी फसल बीमारी की वजह से फसल खराब होने पर बीमा कंपनी की तरफ से मुआवजा दिया जाता है.फसल बीमा पॉलिसी की शर्त बहुत कड़ी होने और लागत के हिसाब से मुआवजा नहीं मिलने की वजह से अभी किसानों में फसल बीमा के प्रति बहुत उत्साह नहीं है.

अगर किसी कारण फसल खराब होती है तो फसल खराब होने पर मुआवजा देने के लिए बीमा कंपनियां उस खेत के आस पास के सभी खेतो का सर्वे करती हैं और उसी के हिसाब से मुआवजा भी दिया जाता है ओर मुआवजा तब मिलता है जब ज्यादातर किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा हो.

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निष्कर्ष

आज हमने इस लेख के जरिए इन्श्योरेन्स के बारे जाना की Insurance kya hai. ओर ये कितने प्रकार के होते है इसके साथ ही उन सभी इन्श्योरेन्स के बारे मे भी समझा जो इसी के भाग है जिनमे life insurance , home insurance , vhicle insurance , health insurance , crop insurance , business liabiltiy insurance , आदि के बारे मे जाना आशा करता हु की आपको आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी

अगर आपका कोई भी सवाल है तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर पूछ सकते है ओर अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो आप इस पोस्ट को नीचे दिए हुए Social Media अकाउंट पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि ऐसी जानकारी उन तक भी पहुच सके धन्यवाद

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